Sad Shayari in Hindi




एक रात रब ने मेरे दिल से पूछा, तू दोस्ती में इतना क्यूँ खोया है? दिल बोला दोस्तों ने ही दी हैं सारी खुशियाँ, वरना प्यार करके तो दिल हमेशा रोया है।

कभी काग़ज़ पे लिखा था तेरा नाम अनजाने में ! उससे बेहतर नज़्म, फिर कभी लिख नहीं पाया !!

Basa Hai Ankhoon Main Apka Chehra Is Tarah Gulab Mein Khushboo Basi Hoti Hai Jis Tarah Namaz Parh Li Ho Or Dua Na Mangi Ho Aap Ki Kami Mehsoos Hoti Hai Kuch Is Tarah

हम👦तो नादान🤗है क्या समझेंगे😕 वस्ल ए मोहब्बत💏, बस तुझे👰चाहते थे ☝चाहते 💏हैं☝और चाहते💏रहेंगे😘🔝💯✅

*हवा गुजर गयी, पत्ते हिले भी नहीं…..* *वो मेरे शहर मे आये और मिले भी नहीं……….!!*

*अब मैंने भी कलम रखना सीख लिया है …..* *जिस दिन भी कोई कहेगा “हम तुम्हारे हैं”……..* *दस्तखत करवा लेंगे…*

*अंदाज कुछ अलग हैं,* *मेरे सोचने का.!!!* *सबको मंजिल का शोक हैं.!!!* *और मुझे सही रास्तों का.!!!* *ये दुनिया इसलिए बुरी नहीं कीं, !!!* *यहाॅ बुरे लोग ज्यादा हैं.!!!* *बल्की इसलिए बुरी हैं कीं,!!!* *यहाॅ अच्छे लोग खामोश हैं.!!!*

कितनी ###तारीफ करूं उस ##जालिम के ##हुस्न की ए ##दोस्तों पूरी किताब तो ###बस उसके ##होठों पर ही खत्म हो जाती है….

एक ख़ुशी की चाह में हर ख़ुशी से दूर हुए हम किसी से कुछ कह भी ना सके इतने मज़बूर हुए हम ना आई उन्हें निभानी वफ़ा इस दौर-ए-इश्क़ में और ज़माने की नज़र में बेवफ़ा के नाम से मशहूर हुए हम।

चल आ तेरे पैरो पर मरहम लगा दूं ऐ मुक़द्दर. कुछ चोटे तुझे भी आई होगी, मेरे सपनो को ठोकर मारकर !!

तू भुला दे मुझे इस बात का शिक़वा नही, तू ने मुझे रुलाया इस बात का कोई गिला नही, जिस दिन हमने तुझे भुला दिया, बस तभी समझ लेना कि दुनिया मे हम नहीं।



इस दिल मे जिसे बसाया वो दूर हो गया, ऐसा क्या हमसे कसूर हो गया, न वेबफा तू ही है न वेबफा मैं ही हूँ, ये तो बस वक्त का दस्तूर हो गया।

जिनसे उम्मीदें वफ़ा की, वही वेबफा आज कहतें हैं, जिन्होंने हमारे मरहम लगाया, वही आज घाव देतें हैं।

जिनकी तस्वीरे बनाकर खुश हुआ करते हैं, आज वही बदले बदले लगने लगे हैं, जो कभी हमारे दिल में रहा करते थे, आज वही दूसरों के दिलों में रहा करते हैं।

चाहें तू कितनी भी दुआ कर मुझसे दूर जाने की, मैं भी उसी रब से दुआ करूंगा तुझे मेरे पास लाने की।

आजकल ग़ैर ख्यालो को पढना छोड़ दिया गुम हूँ अपने ही वजूद की कब्र मे कुछ गड़े मुर्दे उखाड़ाता रहता हूँ शायद कोई सांस बाकी रह गई हो किसी लाश में…!!

तेरी मोहब्बत में इस जहां को भूल गए हम औरों को अपनाना भूल गए सारे जहां को बताया तुझ से मोहब्बत है सिर्फ तुझे ही बताना भूल गए

देख कर मेरी आंखों को एक फकीर ने कहा,पलकें नाजुक है ख्वाबो का वजन कम किजीये, मैंने कहा ये ख्वाब उसके साथ देखे थे, अब अकेले ही इन पलकों को वजन सम्हालने दीजीये..!!

तुम्हें लगता है, मुझ से दुर हो जाएगी ईस कदर ख़ामोश रहकर पर तुम्हे तो पता भी नहीं की मैं कितनी बातें करता हुँ तेरी ख़ामोशियों के साथ..

कितनी मासूम सी है ख्वाहिश आज मेरी, कि नाम अपना तेरी जुबान से सुनूँ..!!!

मेरे ठोकर खाने से भी कुछ लोगों को जलन है, कहतें हैं तजुर्बे मे आगे निकल गया..

सुना है बहुत बारिश है तुम्हारे शहर में ज्यादा भींगना मत… अगर धुल गई सारी गलतफहमियां तो बहोत याद आएंगे हम… पर शायद तब तक हम हो ही नहीं तुम्हे सम्हालने को..!!

सुना है बहुत बारिश है तुम्हारे शहर में ज्यादा भींगना मत… अगर धुल गई सारी गलतफहमियां तो बहोत याद आएंगे हम… पर शायद तब तक हम हो ही नहीं तुम्हे सम्हालने को..!!

याद रहेगा ये वक्त भी हमको उम्र भर के लिए कितना तरसाया है जिन्दगी ने उस शक्श के लिए

तुफान आना भी जरूरी है जिन्दगी में तब जा कर पता चलता है कि कौन हाथ छुड़ा कर भागता है और कौन हाथ पकड़कर..

कुछ कहूँ.. कि सुन रहे हो तुम.. दर्द तनहाईयों के, अपने दामन में.. शौक से बुन रही हो तुम, और बेबस लाचार .. बस देखे जा रहे हम..!

जिद में आकर उसने ताल्लुक तोङ लिया हमसे अब सुकून उनको नहीं और बेकरार हम हैं..!

सब कहते हैं वक्त सब भुला देता है पर, वक्त के साथ मेरी तुझसे मुहब्बत भी बढती जा रही है अब तो हर किसी मे तुम्हारा ही अस्क नजर आता है..

#सभी इन्सान है मगर फर्क सिर्फ इतना है! #कुछ जख्म देते है,कुछ जख्म भरते है!! #हमसफर सभी है मगर फर्क सिर्फ इतना है! #कुछ साथ चलते है,कुछ छोड जाते है!

हमें क्या पता था दुनियां ऐसी है जो सच बोलने की हिम्मत रखता है उसी को कमजोर समझते है और उसी पे झूठे होने का इलज़ाम आता है अच्छा होता गर हम तुम से झूठ बोल जाते तो अभी हमे कोई दुर नहीं कर पाता..

मुझे तुमसे बेइंतिहा मोहब्बत करने के लिए अब तुम्हारी ही ज़रूरत नहीं.. मैं खुश हुं क्योंकि अब ईस मोहब्बत पे सिर्फ मेरा हक है…

लोग अफसोस से कहते हैं कि कोई किसीका नहीं और खुद खुदसे पूछना भुल जाते हैं कि हम किसके हैं ..! कभी दिल से पुछो….!

माना कि तुझे फुरसत नहीं मुझे याद भी करने कि पर मुझे कौन रोक सकता है तुमको प्यार करने से…उन्हें लगता है “काश हम मिले ही ना होते” पर कितना अच्छा होता अगर वो कहती.. “काश हम जुदा ना होते” Miss you…

मोहब्बत करने वालों का मुकद्दर बुरा होता है, हर जुदाई का किस्सा उसी से जुड़ा होता है, कभी उन किताबों पर गौर करके पड़ना, हर मोहब्बत का किस्सा अधूरा होता है।

न जाने कब अनजाने में हमने आपको रुला दिया, लेकिन आपने तो ज़माने के कहने पर हमें भूल दिया, ऐ वेबफा हम तो वैसे ही जमाने मे अकेले थे, तो क्या हुआ हमे आपने इस बात का एहसास दिला दिया।

मेरी क्या ख़ता है तू मुझे सजा देदे, क्यों तेरे अंदर इतना दर्द है इसकी तू वजह देदे, कुछ देर हो गयी तुझे याद करने में मुझसे, लेकिन मुझे छोड़ कर न जाने का इशारा देदे।

हम आपको याद न कर पाएं तो माफ़ करने की कोशिश करना, हमसे कोई गलती हो जाये तो माफ करने की कोशिश करना, हम आपको वैसे तो कभी भूला नही पाएंगे, लेकिन सांसें थम जाएं तो माफ करने की कोशिश करना।

वो इश्क ही क्या, जो इश्क ज़िन्दगी बर्बाद न कर दे, मरा भी न जाये, जिया भी न जाये, ऐसे हालात न कर दे।

हमने रस्म रिवाज़ों से बग़ावत की है, हमने वेपन्हा उनसे मोहब्बत की है, दुआओं में जिसे था कभी मांगा, आज उसी ने जुदा होने की चाहत की है।

मोहब्बत ऐसी थी कि उनको बता न सके, चोट दिल पे थी इसलिए दिखा न सके, हम चाहते तो नही थे उनसे दूर होना, मगर दूरी इतनी थी उसे हम मिटा न सके।

कुछ तन्हाईयां वेबजह नही होतीं, कुछ दर्द आवाज़ छीन लिया करतें है।

ऐ बेवफा सांस लेने से तेरी याद आती है, ऐ बेवफा सांस न लूँ तो भी मेरी जान जाती है, मैं कैसे कह दूं कि बस मैं सांस से जिंदा हूँ, ये सांस भी तो तेरी याद आने के बाद आती है।

सनम बेवफा है, ये वक्त बेवफा है, हम शिकवा करें भी तो किस्से, कमबख्त ज़िन्दगी भी तो वेबफा है।

लिपटा है मेरे दिल से किसी राज़ की मानिंद, वो शख्स… जिसको मेरा होना भी नहीं है।तरस आता है मुझे अपनी मासूम सी पलकों पर, जब भीग कर कहती हैं कि अब रोया नहीं जाता।

छुपाये दिल में अजब सा गुबार बैठे हैं, न जाने कैसे तसव्वुर में यार बैठे हैं, लुटा चुके हैं मुरव्वत में ज़िन्दगी अपनी, तेरे लिए तो अना को भी मार बैठे हैं।

रह जाएगी दिल में एक कसक सारी उम्र, रह जाएगी ज़िन्दगी में तेरी कमी सारी उम्र, कट तो जायेगा यह ज़िन्दगी का सफर लेकिन रह जाएगी ख्वाहिश तुझे पाने की सारी उम्र।

पत्थर समझ कर पाँव से ठोकर लगा दी, अफसोस तेरी आँख ने परखा नहीं मुझे, क्या उमीदें बांध कर आया था सामने, उसने तो आँख भर के देखा नहीं मुझे।

दस्तक और #आवाज तो #कानो के लिए है,,,!! # जिसे #रूह जी जाए #खामोशी उसे कहते हैं ❤❤……!!

इश्क की कोई एक्सपायरी डेट नहीं होती 🕳🕳🕳 ये तो महसूस होती है, जिसे महसूस वो प्यार में, जिसे नहीं वो संसार में..!!

काश एक दिन ऐसा भी आये 😍 हम आपकी बाहों में समा जायें — सिर्फ़ हम हों 💑 आप हों — और ये वक्त ठहर जाये 💞

मेरा कत्ल करने की उसकी साजीश तो देखो…… करीब से गुज़री तो चेहरे से पर्दा हटा लिया 😢 💔 😢 😢

Kitni jldi dur chle jate hai wo Log💔 Jinhe hm jindgi smjh k kbhi khona nhi chahte hai😥

कैसे करे इंतजार तेरे लौट आने का, अभी दिल को यकीन नहीं हुआ है तेरे चले जाने का !💙💙




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